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Monday, 21 February 2011

मौत के खेल में किसानों का इस्तेमाल


हार्मोन्स की सूई से खाद्य एवं औषधि विभाग ने पल्ला झाड़ा
ऑक्सीटोसिन के लिए हार्टीकल्चर पर ठीकरा फोड़ा


यूपी में मिलावटखोरों का धंधा तो फल फूल रहा ही है, कच्ची सब्जियों को कृत्रिम रंग से रंग कर खुलेआम हर बाजारों में बेंचा जा रहा है। यही नहीं गहरी नींद में सो रही सरकार की लाचारी का फायदा उठाते हुए बड़े सौदागर सब्जियों में हार्मोन्स की सूई लगाकर पैदावार बढ़ाने में किसानों का इस्तेमाल कर रहे हैं। कृषि और हार्टीकल्चर विभाग की उदासीनता से जहर के सौदागरों का हौंसला बुलंद है तो खा एवं औषधि प्रशासन विभाग सब्जियों में ऑक्सीटोसिन के इस्तेमाल से पल्ला झाड़ लिया है। वह कह रहा है कि सब्जियों में हार्मोन्स की सूई लगाने को रोकने की जिम्मेदारी हार्टीकल्चर विभाग की है।

हरी सब्जियां ग्रीन प्वाइजन बन चुकी हैं। सरकार इससे बेतकल्लुफ है। जहर के सौदागरों ने लौकी, गाजर, खीरा, करैला, शलजम, टमाटर से लेकर यहां तक कि पपीते में ऑक्सीटोसिन का इंजेक्शन लगाकर पैदावार बढ़ाने और उसके प्राकृतिक आकार में बदलाव पैदा कर दिया है। जहर का यह कारोबार खुलेआम हो रहा है। इसके अलावा सब्जियों को कृत्रिम रंग से रंगने का काम भी बड़ी-बड़ी मंडियों में चल रहा है। आरटीआई ऐक्टिविस्ट सलीम बेग द्वारा पूछे गए सूचना का अधिकार के तहत खा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त ने स्वीकार भी किया है कि प्रदेश में कृत्रिम रूप से रंगी गई कच्ची सब्जियों के 124 नमूने संग्रहीत कर जांच कराई गई। जांच में पांच नमूने अखा रंगों से रंगे हुए पाए गए। खा आयुक्त ने बताया कि अखा रंगों से रंगी पाई गई पांच नमूनों की सब्जियों के विक्रेताओं को दंडित कराने के लिए खा अपमिश्रण निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा सक्षम न्यायालय में दायर कराए गए। दरअसल जहर के बड़े कारोबारियों के हाथ इतने लम्बे हैं कि खा एवं औषधि प्रशासन विभाग उन्हें पकड़ने की हिमाकत नहीं कर पाता है। विभाग सिर्फ छापेमारी के जरिए उसे ही पकड़ रहा है जो उनके हाथों की कठपुतली बने हुए हैं। सब्जियों में हार्मोन्स की सूई लगाने जैसे अपराध पर भी विभाग ने अपना पल्ला झाड़ लिया है। डीएनए ने जब खा एवं औषधि प्रशासन विभाग के विशेष सचिव शिव श्याम मिश्रा से इस बाबत पूछा तो वे हार्टीकल्चर विभाग पर इसका ठीकरा फोड़ने लगे। श्री मिश्र ने कहा कि पहले आप हार्टीकल्चर से यह पूछो कि वे सब्जियों, फलों व अन्य शाक-भाजी के विकास में क्या प्रमोट करते हैं? वह यूरिया है या अन्य फर्टिलाइजर? अगर सब्जियों की पैदावार में ऑक्सीटोसिन इस्तेमाल किया जा रहा है तो इसे रोकने की जिम्मेदारी उनकी है। हमारी नहीं। उधर विशेष सचिव ने कहा कि हमने 29 लाख ऑक्सीटोसिन के डोज छापेमारी के दौरान पकड़े हैं। बीते नौ महीने में 76 को जेल भेजा है और 89 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। मगर खा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सब्जियों में हार्मोन्स की सूई लगाकर पैदावार बढ़ाने सम्बंधी किसी ऐसी शिकायत से साफ इनकार कर दिया है। मगर जिस प्रकार कृत्रिम रूप से रंगी गई कच्ची सब्जियों को बेचने तथा हार्मोन्स की सूई के जरिए सब्जियों की पैदावार बढ़ाई जा रही है उससे घातक बीमारियां हो सकती हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. भगवान सिंह ने बताया कि रंगी गई सब्जियों से चर्म रोग, अल्सर तथा पाचन तंत्र खराब हो जाता है। आंतों पर प्रभाव पड़ता है। कैंसर की संभावना बढ़ जाती है।